त्रिपुरी शोध पीठ के तत्वाधान में सर्वम शक्तिमयम पर दो दिवसों अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन संस

संस्कारधानी जबलपुर आगामी 2 और 3 मई 2026 को एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की साक्षी बनने जा रही है। कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉक्टर दिलीप सिंह हजारी ने कांफ्रेंस के महत्व को सनातन धर्म से जोड़ते हुए इसकी वर्तमान प्रासंगिकता को समाज के बीच लाने का एक समुचित अवसर बताया । त्रिपुरी शोध पीठ के संयोजक और अध्यक्ष डॉ नितिन पटेल ने बताया कि त्रिपुरी शोध पीठ और महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के संयुक्त तत्वाधान में यह द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है। इस आयोजन की थीम है सर्वम शक्तिमयम अर्थात सभी शक्ति स्वरुप है । कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री मोहन चक्रवैश्य ने बताया कि किस प्रकार शक्तिपीठ मानव जीवन के ऊर्जा स्रोत हैं और उन्हें सिर्फ तीर्थ या पर्यटन स्थल के रूप में नहीं देखना चाहिए । इस आयोजन में पांच देशों और देश के विभिन्न प्रांतो से आए शिक्षाविद, प्रबुद्धजन एवं शोध करने वाले विद्वान शामिल होंगे । ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से विभिन्न सत्रों का आयोजन होगा जिसमें रिसर्च करने वाले रिसचर्स अपने रिसर्च पेपर को प्रस्तुत करेंगे की किस प्रकार से शक्तिपीठ वर्तमान समय में प्रासंगिक हैं और समाज में एक शक्ति की चेतना जागृत करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं । संरक्षक श्री नरेंद्र सिंह ठाकुर जी ने बताया की शक्ति पीठ भारतीय धार्मिक जगत में ऊर्जा के वह केंद्र हैं जिससे पूरा ब्रह्मांड संचालित है । इस आयोजन में शक्ति पीठों, सिद्धपीठों और शक्ति स्थलों पर शोध पत्र पढ़े जाएंगे तथा इस क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाली विभूतियों का सम्मान भी किया जाएगा। प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद शर्मा पूर्व विभाग अध्यक्ष राजस्थान यूनिवर्सिटी को उनके शक्तिपीठ एवं शक्ति साधना विषय पर विशेष अध्ययन व अनुसंधान के लिए प्रथम त्रिपुरी शोध सम्मान प्रदान किया जाएगा ।
आयोजन के अतिथि सर्वश्री स्वामिनी सद्विद्यानंद सरस्वती एकात्मधाम ओंकारेश्वर से विशेष रूप से संत सानिध्य मार्गदर्शन देने के लिए उपस्थित हो रही हैं । सुश्री रचना जानी संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी मध्यप्रांत, प्रोफेसर राजेंद्र शुक्ला, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा, प्रो. जे एस दुबे, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज मंदसौर, इंजी. प्रशांत पोल, डॉ अखिलेश गुमास्ता, डॉ जितेंद्र जामदार, डॉ विजयकांत कांची वक्त विद्वान के रूप में उपस्थित होंगे ।
श्री इंद्रजीत चौहान, श्री निखिल शर्मा श्री विनय पटेल आदि ने संस्कारधानी वासियों, शक्ति के आराधकों और कला प्रेमियों से इस आयोजन में सम्मिलित होने की अपील की है।